पंडवानी महाभारत के पांडवों की कथा का छत्तीसगढ़ी लोक गायक तंबूरा लेकर गाता है । साथ ही साथ अभिनय भी करता है । गायक के साथ साथ कलाकार भी होते है । गीत के बीच बीच में रागी हुंकारी भरता है ।
लोरिक चंदा या चंदैनी लोरिक और चंदा का प्रेम क्षेत्रीय विशिष्टता के साथ गाय जाता है ।इसे छत्तीसगढ़ में चंदैनी गायन कहा जाता है । बीच बीच मे विदूषक जलती मशाल के साथ अपनी प्रस्तुति देता है । चंदैनी नृत्य में टिमकी तथा ढोलक की संगत की जाती है । चिंता दास प्रमुख गायक
ढोलामारू यह मूलतः राजस्थान की लोक गाथा है परंतु यह संपूर्ण उत्तर भारत में प्रचलित है । इसमें ढोला और मारू की प्रर्म कथा को ग्रामीण यंत्र तंत्र की रहस्यात्मकता के साथ लोक शैली में गाते हैं । यह प्रेम गीत के रूप में गाया जाता है । छत्तीसगढ़ की ढोला मारू कथा में मारू का वर्णन अधिक होता है । सुरुज बाई खांडे भाई एवं जगन्नाथ कुम्हार प्रमुख कलाकार है ।
फुलकुंवर की गाथा वीरांगना फुलकुंवर का मुसलमानों से किये गए युद्ध का चित्रण ।
भरथरी राजा भरथरी एवं रानी पिंगला की कथा । भरथरी का गायन प्रायः नागपंथी करते है । सारंगी या इकतारे पर पर भरथरी गाते योगियों को अक्सर देखा जाता है । स्व. सूरज बाई खांडे इस विधा की शीर्ष गायिका है ।
फुलवासन की गाथा सीता माता द्वारा लक्ष्मण के फुलबासन नमक फूल लाने के अनुभव पर आधारित
कल्याण साय की गाथा कल्याण साय के वीर भट्ट गोपाल राय का शौर्य वर्णित है । गोपल्ला गीत में भी यही कथानक है
पंडवानी महाभारत के पांडवों की कथा का छत्तीसगढ़ी लोक गायक तंबूरा लेकर गाता है । साथ ही साथ अभिनय भी करता है । गायक के साथ साथ कलाकार भी होते है । गीत के बीच बीच में रागी हुंकारी भरता है ।
लोरिक चंदा या चंदैनी लोरिक और चंदा का प्रेम क्षेत्रीय विशिष्टता के साथ गाय जाता है ।इसे छत्तीसगढ़ में चंदैनी गायन कहा जाता है । बीच बीच मे विदूषक जलती मशाल के साथ अपनी प्रस्तुति देता है । चंदैनी नृत्य में टिमकी तथा ढोलक की संगत की जाती है । चिंता दास प्रमुख गायक
ढोलामारू यह मूलतः राजस्थान की लोक गाथा है परंतु यह संपूर्ण उत्तर भारत में प्रचलित है । इसमें ढोला और मारू की प्रर्म कथा को ग्रामीण यंत्र तंत्र की रहस्यात्मकता के साथ लोक शैली में गाते हैं । यह प्रेम गीत के रूप में गाया जाता है । छत्तीसगढ़ की ढोला मारू कथा में मारू का वर्णन अधिक होता है । सुरुज बाई खांडे भाई एवं जगन्नाथ कुम्हार प्रमुख कलाकार है ।
फुलकुंवर की गाथा वीरांगना फुलकुंवर का मुसलमानों से किये गए युद्ध का चित्रण ।
भरथरी राजा भरथरी एवं रानी पिंगला की कथा । भरथरी का गायन प्रायः नागपंथी करते है । सारंगी या इकतारे पर पर भरथरी गाते योगियों को अक्सर देखा जाता है । स्व. सूरज बाई खांडे इस विधा की शीर्ष गायिका है ।
फुलवासन की गाथा सीता माता द्वारा लक्ष्मण के फुलबासन नमक फूल लाने के अनुभव पर आधारित
कल्याण साय की गाथा कल्याण साय के वीर भट्ट गोपाल राय का शौर्य वर्णित है । गोपल्ला गीत में भी यही कथानक है
मेरा नाम गौतम है मै कवर्धा का निवासी हु ALLGK.IN में सभी नवीनतम न्यूज़ और जॉब्स, रिजल्ट, एडमिट कार्ड, ऑफलाइन जॉब्स, ऑनलाइन फॉर्म, कॉलेज और यूनिवर्सिटी अपडेट को कवर करता हु।
मेरा नाम गौतम है मै कवर्धा का निवासी हु ALLGK.IN में सभी नवीनतम न्यूज़ और जॉब्स, रिजल्ट, एडमिट कार्ड, ऑफलाइन जॉब्स, ऑनलाइन फॉर्म, कॉलेज और यूनिवर्सिटी अपडेट को कवर करता हु।
Telegram Group Join Now WhatsApp Group Join Now Prayogshala Paricharak Exam Update:- छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रयोगशाला परिचारक, भृत्य, चौकीदार और स्वीपर के कुल 880 ...
Telegram Group Join Now WhatsApp Group Join Now छत्तीसगढ़ वर्तमान में कौन क्या है । छत्तीसगढ़ नई मंत्रिमंडल List 2025,CG kon kya hai Current Affairs CG ...