छत्तीसगढ़ के राजकीय प्रतीक चिन्ह CG ka rajkiya pratik chin

By Raj Markam

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राज्य प्रतीक चिह्न : छत्तीसगढ़ राज्य का राज्य प्रतीक चिन्ह 36 गढ़ों के बीच सुरक्षित विकास की अदम्य आकांक्षा को दर्शाता एक गोलाकार चिन्ह है, जिसके मध्य में भारत का प्रतीक ‘अशोक स्तम्भ’ आदर्श वाक्य ‘सत्यमेव जयते’, राज्य की प्रमुख फसल धान की सुनहरी बालियां भरपुर ऊर्जा के प्रतीक के बीच राष्ट्र ध्वज के तीन रंगों के साथ छत्तीसगढ़ की नदियों को रेखांकित करती लहरें हैं।
राजकीय पक्षी : छत्तीसगढ़ का राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना (Gracula religiosa) है, जिसे राज्य सरकार ने अपनाया है। यह मुख्य रूप से बस्तर में पाया जाता है। वर्तमान में यह संकटापन्न स्थिति में है।
राजकीय पशु: छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा’ है जिसे राज्य सरकार ने अपनाया है।
राजकीय वृक्ष : छत्तीसगढ़ राज्य का राजकीय वृक्ष ‘साल’ (Shorea robusta) है, जिसे राज्य सरकार ने अपनाया है। राज्य में साल के वृक्ष बड़ी संख्या में पाये जाते हैं।
राज्य दिवस : छत्तीसगढ़ का राज्य दिवस 1 नवम्बर है, जो सम्पूर्ण राज्य में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी दिन छत्तीसगढ़ भारत के 26वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
राजकीय भाषा : 4 जुलाई, 2001 को लिए गए निर्णय के अनुसार राजकीय भाषा के रूप में हिन्दी का चयन किया गया।
राजकीय ध्येय वाक्य : ‘सत्य तथा पारदर्शिता’ राज्य का प्रमुख ध्येय वाक्य है।

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