head छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य सामान्य ज्ञान: CG Bhasha GK IN HINDI

छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य सामान्य ज्ञान: CG Bhasha GK IN HINDI

छत्तीसगढ़ भाषा एवं साहित्य सामान्य ज्ञान: Chhattisgarh Bhasha  General Knowledge

छत्तीसगढ़ी भाषा व्याकरण प्रश्न-उत्तर (प्रश्नोत्तरी) CG GK

छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण सामान्य ज्ञान Cg Mcq Question Answer in Hindi: Click Now

  1. भाषा

(a) भाषा : छत्तीसगढ़ की सर्वप्रमुख भाषा हिन्दी है। हिन्दी के अलावे अंग्रेजी, उर्दू और मराठी छत्तीसगढ़ में अधिक बोली जाने वाली भाषा है। हिन्दी को छत्तीसगढ़ की प्रथम राजभाषा तथा अंग्रेजी को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है।

(b) बोलियाँ : छत्तीसगढ़ की बोलियों को तीन वर्गों में बांटा जाता है

  1. भारोपीय (भारत-यूरोपीय) भाषा-परिवार की बोलियाँ: छत्तीसगढ़ी, भतरी, हलबी, सदरी, अगरिया, बिंझवारी, बैगनी, भुलिया, लरिया, धनवार, पन्का, डिंडवार ।
  2. द्रविड़ भाषा-परिवार की बोलियाँ : कुडुख या ओरांव, परजी या धुरबी, गोंडी/ कोइटोर (उपबोलियाँ : डोरमी, दंडामी-माड़िया, भूरिया, अबुझ-माड़िया, कोया, घोटुलमुरिया)।

III. मुण्डा (आस्ट्रो-एशियाटिक) भाषा-परिवार की बोलियाँ : कोकू, खड़िया, कोरबा (उपबोलियाँ : नागेशिया, सौंता या तूरी, माझी, मझवार, खैरवारी), गदबा, मवासी, निहाली, बिरहोर, ढेलकी, महतो, मुण्डा, मुण्डारी, संथाली।

उत्तरी छत्तीसगढ़ में तीनों भाषा-परिवार की बोलियों का प्रचलन है। मध्य छत्तीसगढ़ में मुख्यतः भारोपीय भाषा-परिवार की बोलियों का प्रचलन है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भारोपीय एवं द्रविड़ भाषा-परिवार की बोलियों का प्रचलन है। छत्तीसगढ़ में लगभग 93 बोलियाँ बोली जाती हैं जिनमें से 70 बोलियों का संबंध भारोपीय भाषा-परिवार से छत्तीसगढ़ी हिन्दी भाषा के पूर्वी हिन्दी उपभाषा की एक बोली है। छत्तीसगढ़ी को ‘खल्टाही’ (पहाड़ी लोगों द्वारा) तथा ‘लारिया’ (उड़िया भाषी द्वारा) के नाम से भी जाना जाता है।

बोलियों की वर्तमान स्थिति : भारोपीय भाषा-परिवार की बोलियों में राजभाषा हिन्दी के तत्वों की घुसपैठ निरंतर बढ़ रही है। द्रविड़ भाषा-परिवार की बोलियों में कुडुख (ओरांव) और गोंडी अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है जबकि परजी (धुरबी) को विलोपन समस्या (Extinction Problem) का सामना करना पड़ रहा है। मुण्डा भाषा-परिवार की बोलियाँ विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं।

  1. साहित्य

(a) हिन्दी

छत्तीसगढ़ के हिन्दी रचनाकारों में उल्लेखनीय नाम हैं : गजानन माधव मुक्तिबोध’, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, वामन राव लाखे, रविशंकर बाजपेयी, देवीसिंह चौहान, देवी प्रसाद वर्मा, हरि ठाकुर, नारायण लाल परमार, श्रीकांत वर्मा, मुकुटधर पाण्डेय, लोचन प्रसाद पाण्डेय, गुलशेर खाँ ‘शानी’, पतिराम साव, शिशुपाल सिंह यादव, जमुना प्रसाद कसार, निरंजन लाल गुप्ता, दानेश्वर शर्मा, परदेशीराम वर्मा आदि।

(b) छत्तीसगढ़ी

_पद्य साहित्य : छत्तीसगढ़ के पद्य साहित्य में लोक कथाओं की अधिकता है। लोक कथाओं में लोकजीवन शैली, लोक कहावतें, देवी-देवताओं की कहानियाँ आदि पायी जाती हैं। सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ी बोली में लिखने का प्रयास 1904 ई० में आरंभ हुआ। पं० लोचन प्रसाद पाण्डेय ‘छत्तीसगढ़ी साहित्य के भीष्म पितामह’ माने जाते हैं। इसके बाद वर्ष 1915 ई० के आस-पास पं० सुंदर लाल शर्मा लिखित ‘छत्तीसगढ़ी दान लीला’ प्रकाशित हुई जिसमें कृष्ण और गोपियों के प्रेम का गीतात्मक वर्णन हुआ है।

राष्ट्रीय आंदोलन के दौर में देशभक्ति का प्रसार करने वाले छत्तीसगढ़ी कवियों में हरि ठाकुर, नारायण लाल परमार, कुंज बिहारी चौबे एवं लाला जगदलपुरी के नाम उल्लेखनीय हैं। उद्योराम ‘झखमार’ और ध्रुवराम वर्मा हास्य-व्यंग्य कविता के प्रणेता रहे हैं। छत्तीसगढ़ी पद्य साहित्य से संबद्ध अन्य रचनाकार हैं—पं० द्वारका प्रसाद तिवारी ‘विप्र’, बाबू प्यारेलाल गुप्त, कोदूराम दलित, श्यामलाल चतुर्वेदी, हनुमंत नायडू आदि । वर्ष 1965 ई० के बाद नये कवियों ने अपनी रचनाओं में जीवन के यथार्थ का प्रतिपादन किया। नये कवियों में उल्लेखनीय नाम हैं— नंद किशोर तिवारी, लखनलाल गुप्ता, भगतसिंह सोनी, समीरजी आदि।

गद्य साहित्य : छत्तीसगढ़ी पद्य की तुलना में छत्तीसगढ़ी गद्य कम मिलता है। छत्तीसगढ़ी गद्य साहित्य का विधावार परिचय इस प्रकार है :

(i) कहानी : वर्ष 1928 ई० में कई छत्तीसगढ़ी कहानियाँ ‘विकास’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुईं। पालेश्वर शर्मा की कहानी ‘गाँव के नेहमा’, एंजनलाल पाठक की कहानियाँ ‘लेडगा मंडल और मुंशी’ और ‘खबर बेटा’ आदि चर्चित कहानियाँ हैं। शिवशंकर शुक्ल की कहानी ‘डोकरी के कहिनी’ शिक्षाप्रद कहानी है। लखन लाल गुप्त की कहानी ‘सरग के डोला आइस’, पं० सीताराम मिश्र की कहानी ‘सुरहि गाय के कहिनी’ प्रसिद्ध कहानियाँ हैं।

 (ii) उपन्यास : आंचलिक जीवन और संस्कृति को आधार बनाकर कई उपन्यास लिखे गए। पं० वंशीधर शर्मा का उपन्यास ‘हीरु के बहिनी’ छत्तीसगढ़ी का प्रथम उपन्यास माना जाता है।

अन्य उल्लेखनीय उपन्यासकार हैं : लखन लाल गुप्त (‘चंदा अमरित बरसाइस’), शिवशंकर मिश्र (‘दियना के अंजोर’, ‘मोंगरा’), मेथ्यू, अरुण सोनी आदि ।

(iii) नाटक व एकांकी : वर्ष 1905 ई० में पं० लोचन प्रसाद पाण्डेय द्वारा लिखित ‘कलिकाल’ छत्तीसगढ़ी का प्रथम नाटक माना जाता है। पं० सुखलाल प्रसाद पाण्डेय की एकांकी केकरा पकडवइयाँ’, ‘खीरा चाट्टा’ प्रशंसनीय एकांकी है। टिकेन्द्रनाथ टिकरिया ने ‘साहूकार से छुटकारा’, ‘सर्वनाश’ नाटक लिखे । राम लाल कश्यप ने ‘श्री कृष्णार्जुन’ लिखा। प्यारेलाल गुप्त ने ‘दो सौत’ नामक एकांकी लिखा। लखन लाल ने ‘बेटी के मंसूबा’, ‘बर की खोज’ लिखे। खूबचंद बघेल ने ‘करम छड़हा’, ‘लेड़गा सुजान के गोठ’ नाटक लिखे।

(iv) व्यंग्य : छत्तीसगढ़ी में व्यंग्य लेखन का आरंभ शरद कोठारी की रचनाओं से माना जाता है। अन्य छत्तीगसढ़ी व्यंग्यकारों के नाम हैं : लतीफ घोंघी, त्रिभुवन पाण्डेय, विनोद शंकर शुक्ल, गिरिश पंकज, प्रदीप मेहता, रामेश्वर वैष्णव, ईश्वर वर्मा, शिवानंद कामडे, प्रभाकर चौबे, विनोद साव, रवि श्रीवास्तव आदि ।

छत्तीसगढ़ी में प्रथम प्रथम

  • छत्तीसगढ़ी व्याकरण ‘छत्तीसगढ़ी व्याकरण’ (काव्योपाध्याय हीरालाल)
  • प्रथम छत्तीसगढ़ी प्रबंध काव्य ‘छत्तीसगढ़ी दानलीला’ (पं० सुंदरलाल शर्मा)
  • प्रथम छत्तीसगढी गद्य लेखक पं० लोचन प्रसाद पाण्डेय
  • प्रथम छत्तीसगढ़ी कहानी ‘सुरही गइया’ (पं० सीताराम मिश्र)
  • प्रथम छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘हीरु के बहिनी’ (पं० वंशीधर शर्मा)
  •  प्रथम छत्तीसगढी नाटक ‘कलिकाल’ (प० लोचन प्रसाद पाण्डेय)
  •  प्रथम छत्तीसगढ़ी व्यंग्यकार: शरद कोठारी
  •  प्रथम छत्तीसगढ़ी समीक्षात्मक रचना ‘साहित्य अऊ साहित्यकार’ (विनय कुमार पाठक)

CGPSC Vyapam में पूछे गए छत्तीसगढ़ी के 50 महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न . हिन्दी भाषा की बोलियों के वर्गीकरण के आधार पर छत्तीसगढ़ी बोली है

a) पूर्वी हिन्दी

b) पश्चिमी हिन्दी

c) पहाड़ी हिन्दी

d) राजस्थानी हिन्दी

प्रश्न . छत्तीसगढ़ी में स्वर वर्णों की संख्या है:

a) 10

b) 11

c) 12

d) 13

प्रश्न . छत्तीसगढ़ी में ऊष्ण वर्गों की संख्या है

a) 1

b) 2

c) 3

d) 4

प्रश्न. डॉ. नरेन्द्रदेव वर्मा ने छत्तीसगढ़ी को कितने उपभागों में विभाजित किया है।

a) 8

b) 9

c) 10

d) 11

प्रश्न – छत्तीसगढ़ी भाषा का प्रथम अभिलेख माना जाता है:

a) बस्तर अभिलेख

b) राजिम अभिलेख

c) जांजगीर अभिलेख

d) दंतेवाड़ा अभिलेख

Q. दांत दिखाने वाला के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द- CG_PSC_ACF_2017-18
(A) दतला
(B) खेबड़ा
(C) टिपका
(D) दंत निपोर
उत्तर-(D)

Q. लरिया बोली किस जिले में बोली जाती है- CG_PSC_ACF_2017-18
(A) सरगुजा
(B) महासमुन्द
(C) राजनादगाव
(D) कांकेर
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)

Q. सादरी बोली, किस जिले में बोली जाती है- CG_PSC_SES_2017-18
(A) सुकमा
(B) जशपुर
(C) कवर्धा
(D) महासमुन्द
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)

व्याख्या- सादरी बोली जशपुर जिले में बोली जाती है।

Q. निम्न में छत्तीसगढ़ी में जानवरों को बांधने की रस्सी को क्या कहा जाता है? CG_PSC_Pre_CSAT_2017-18
(A) गुरौं
(B) गिरमा
(C) गुंडरी
(D) गिरी
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)

व्याख्या- जानवरों को बांधने की रस्सी को गिरमा कहा जाता है।

Q.  छत्तीसगढ़ी भाषा में भंढ़ई किसे कहते हैं? CG_PSC_Pre_CSAT_2017-18
(A) जूता
(B) पुरूषों की चप्पल
(C) कुरिया
(D) गमछा
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(E)

व्याख्या- छत्तीसगढ़ी भाषा में भंदई चप्पल को कहते है। लोक सेवा आयोग ने लिपिकीय त्रुटि के कारण उक्त प्रश्न का उत्तर ‘इनमें से कोई नहीं लिया

Q. पति द्वारा त्यागी गई नारी क्या कहलाती है- CG_PSC_Pre_CSAT_2017-18
(A) परित्यक्ता
(B) विमुक्ता
(C) छंडवे
(D) अलगाही
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(C)

व्याख्या- पति द्वारा त्यागी गई नारी छंडवे कहलाती है।

Q. अरकट्टा का अर्थ है CG_PSC_ACF_2016
(A) सड़क
(B) गली
(C) छोटा रास्ता
(D) बड़ा रास्ता
उत्तर-(C)

व्याख्या- अरकट्टा का अर्थ छोटा रास्ता होता है।

Q. हल का छत्तीसगढ़ी पर्याय है-
(A) नांगल
(B) नांगर
(C) नकल
(D) लांगल
(E) इनमें से कोई नहीं
CGPSC ACF_2016
उत्तर-(B)

व्याख्या- हल का छत्तीसगढ़ी पर्याय नांगर है।

Q. लम-चोंची किसे कहते हैं?
(A) लालची
(B) लंबी चोंच वाली चिड़िया
(C) चुप कराने की क्रियाहै
(D) चना खाने वाली चिड़िया
(E) इनमें से कोई नहीं
CG_PSC_ACF_2016
उत्तर-(B)

व्याख्या- लंबी चोंच वाली चिड़िया को लम-चाँची कहते हैं।

Q. लरकी किसे कहते हैं?
(A) आभूषण
(B) लौकी
(C) दुबली पतली लड़की
(D) लुढ़क जाने की क्रिया
(E) इनमें से कोई नहीं
CG_PSC_ACF_2016

उत्तर-

व्याख्या- लुरकी कान में पहना जाने वाला एक आभूषण है।

Q. ‘हम लिख रहे थे’ का छत्तीसगढ़ी वाक्य होगा-
(A) हमन लिखत रहिबो
(B) हमन लिखेन
(C) हमन लिखत रहेन
(D) हमन लिख डारे रहेन
(E) हमन लिखबो

Q. बहाना (टाल मटोल) के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द-
(A) ओखी
(B) ओकी
(C) ओधा
(D) ओझी
(E) इनमें से कोई नहीं
CG_PSC_Pre_CSAT_2014

उत्तर-(A)

व्याख्या- बहाना (टाल मटोल) के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द ओखी है। 

Q. गेहूँ के आटे से बने मीठे पकवान को छत्तीसगढ़ी में कहते
(A) पपई
(B) परई
(C) पपची
(D) पपड़ी
(E) इनमें से कोई नहीं
CG_PSC_Pre_CSAT_2014
उत्तर-(C)

व्याख्या- गेहूँ के आटे से बने मीठे पकवान को पपची कहते हैं।

Q. खोरवा का मतलब है-

(A) गली बुहारने वाला व्यक्ति
(B) गली
(C) खोह
(D) लंगड़ा
(E) इनमें से कोई नहीं
CG_PSC_Pre_CSAT_2014
उत्तर-(D)

व्याख्या- खोरवा का मतलब लंगड़ा होता है।

Q. गोंदली का अर्थ है-
(A) गोंद
(B) गोद
(C) प्याज
(D) गोदना
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(C)
CG_PSC_RDA_JAT_2014

व्याख्या- गोंदली, प्याज का छत्तीसगढ़ी नाम है।

Q. भांटो का मतलब है-
(A) जीजा, बहनोई
(B) भाटा
(C) भाटे का भुर्ता
(D) भाट
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(A)
CG_PSC RDA_JAT_2014

व्याख्या- भांटो का मतलब जीजा, बहनोई है।

Q. महूँ जाहौं का मतलब है-
(A) मैं ही जाऊंगा/जाऊंगी
(B) मैं भी जाऊंगा/जाऊंगी
(C) मैं तो जाऊंगा/जाऊंगी
(D) मैं क्यों जाऊंगा/जाऊंगी
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)
CG_PSC_2014

व्याख्या- महूँ जाहौँ का मतलब मैं भी जाऊंगा/जाऊंगी होता है।

Q. पटतर का मतलब है-
(A) उपमा
(B) पटसन
(C) पटकनी
(D) फाटक
(B इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(A)
CG_PSC_RDA_JAT_2014

व्याख्या- पटंतर का मतलब उपमा है।

Q. भांडी का अर्थ है-
(A) भांडा
(B) भाड़ा, किराया
(C) दीवार
(D) गाली
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(C)
CG_PSC_RDA JAT_2014

व्याख्या- भांडी का अर्थ दीवार होता है।

Q. भोरहा का अर्थ है-
(A) भोर
(B) भौंरा
आंसर – भ्रम

Q. अंगीठी का मतलब है-
(A) अंगूठी
(B) ऊंगली
(C) अंगीठी
(D) अगार
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)
CG_PSC_Mining Appti_2014

व्याख्या- अंगीठी का मतलब ऊंगली है।

Q.  रोमांचित होना के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द है
(A) गुर्राना
(B) गुरमेटना
(C) गुरगुराना
(D) गुंगवाना
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(C)
CG_PSC_Mining Appti_2014

व्याख्या- रोमांचित होना के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द गुरगुराना होता है।

Q. दुजहा का अर्थ है-
(A) द्विज
(B) दो जगहों पर रहने वाला
(C) पहली पत्नी के दिवंगत हो जाने पर दूसरी शादी करने वाला मर्द
(D) इनमें से कोई नहीं
Ans C

Q. निंधा का पर्याय है-
(A) निंदा
(B) ठोस
(D) निंदाई
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)
CG_PSC_Mining_Appti_2014

व्याख्या- निंधा का पर्याय ठोस है।

Q. बाहरा या बहरा का मतलब है-
(A) बाहर का
(B) झाडू
(C) श्रवणबाधित
(D) एक बड़ा गहरा उपजाऊ खेत
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(D)
CG_PSC_Mining Appti_2014

व्याख्या- बाहरा या बहरा का मतलब एक बड़ा गहरा उपजाऊ खेत है।

Q. डांड़ देना का क्या अर्थ है-
(A) ना देना
(B) आवाज लगाना
(C) रेखा खींचना
(D) ऐलान करना
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(A)
CG_PSC_Pre_CSAT_2013

व्याख्या- डांड़ देना का अर्थ जुर्माना देना है।

Q.  अइसन बात काबर करथव का अर्थ क्या है- ऐसी बात क्यों नहीं करते
(B) ऐसी बात क्यों करते हैं
(C) ऐसी बात कहां करते हैं
(D) ऐसी बात कब करते हैं
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)
CG_PSC_Pre_CSAT_2013

व्याख्या- अइसन बात काबर करथव का अर्थ है-‘ऐसी बात क्यों करते

Q.  पनही का अर्थ क्या है-

(A) पहनने की क्रिया

(B) पनिहारिन

(C) जूता

(D) गले का आभूषण

(E) इनमें से कोई नहीं

उत्तर-(C)

CG_PSC_Pre_CSAT_2013

व्याख्या- पनही का अर्थ जूता होता है।

Q. पगरइत का अर्थ क्या है-
(A) वधू पक्ष का पुरोहित
(B) वर का पिता/अभिभावक
(C) वर पक्ष का पुरोहित
(D) वधू का पिता/अभिभावक
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)
CG_PSC_Pre_CSAT_2013

व्याख्या- पगरइत का अर्थ वर का पिता/अभिभावक होता है।

Q. ओन्हारी से आशय-
(A) रबी फसल
(B) खरीफ फसल
(C) जायद फसल
Ans A

व्याख्या- मितान बदना से आशय मित्र बनाना हा

Q. हथफोड़वा छत्तीसगढ़ी शब्द है-
(A) एक पक्षी


(B) एक खिलौना
(C) धारदार हथियार
(D) चांवल का एक व्यंजन
उत्तर- D

व्याख्या- हथफोड़वा चांवल का एक व्यंजन है।

छेवारी छुट्टी छत्तीसगढ़ी शब्द संबंधित है-
(A) मातृत्व अवकाश
(B) अंतिम अवकाश
(C) सेवा निवृत्ति
(D) त्यौहारी अवकाश
उत्तर-

Q. छत्तीसगढ़ी शब्द छेवारी छुट्टी संबंध मातृत्व अवकाश से मया जेवन शब्द से आशय-
(A) बियारी भोज
(B) मध्यान्ह भोज
(C) प्रीतिभोज
(D) ग्राम-भोज
(E) बरसी भोज
उत्तर-(C

Q.  घोड़ा के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द है-
(A) घोड़वा
(B) घोडवा
(C) घोड़आ
(D) घोड़ा
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)

व्याख्या- घोड़ा के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द घोडवा है।

Q. होशियार के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द है-
(A) होसियार
(B) हुसियार
(C) हुशियार
(D) हुसिआर
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)

व्याख्या- होशियार के लिए छत्तीसगढ़ी शब्द हुसियार है।

Q. जंतर का अर्थ है-
(A) जादू
(B) यंत्र
(C) जनता
(D) यात्री
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)

व्याख्या- जंतर का अर्थ यंत्र है।

Q. कोस शब्द कौन सा अर्थ प्रकट करता है?
(A) कोसे का कपड़ा
(B) कांस का बर्तन
(C) पारिभाषिक शब्दों का ग्रंथ
(D) दूरी की माप
(e) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(D)
CG_PSC_ABED 2013-14

व्याख्या- कोस शब्द दूरी की माप को प्रकट करता है।

Q.  छत्तीसगढ़ शब्द तितरा का निम्नलिखित में से क्या अर्थ है
(A) तीन नदियों के मिलने का स्थान
(B) तीन लड़कियों के बाद जन्मा पुत्र
(C) तीन रास्तों का उद्गम स्थल
(D) तीन गाँवों की पंचायत
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(B)

CG_PSC_AD Agri_AVS_AD Fish_2013

व्याख्या- तितरा का अर्थ तीन लड़कियों के बाद जन्मा पुत्र है।

Q.  छत्तीसगढ़ी में कुसियार क्या है?CG व्यापम 2028
(A) धान
(B) केला
(C) नारियल
(D) गन्ना
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(D)
CC_PSC_AEED 2013-14 

व्याख्या- छत्तीसगढ़ी में कुसियार का अर्थ गन्ना है।

Q. सबसे बड़े मेंढक को क्या कहते हैं?
(A) भिंदोल
(B) बॅगया
(C) बंगबा
(D) मेचका
उत्तर-(A)

CGPSC_AD_PRO 2019

व्याख्या- सबसे बड़े मेंढक को भिंदोल कहते हैं।

Q. खटमल को क्या कहते हैं?
(A) ढेकी
(B) जाता
(C) देना
(D) डेकुना
उत्तर-(C)

CG_PSC_2019

व्याख्या- छत्तीसगढ़ में खटमल को ढेकुना कहा जाता है। आयोग ने उत्तर देना लिया है। 

Q. निम्न में से कौन सा शब्द दिशा का नाम नहीं है?
A उगती
(B) कमारी
(C) बुड़ती
(D) भंडार
CGPSC CMO Exam 2019

उत्तर-(B)

व्याख्या- छत्तीसगढ़ी में पूर्व दिशा को उत्ती, पश्चिम को चूड़ती, उत्तर को भंडार तथा दक्षिण को रक्सहूं कहा जाता है। पयाय है।

Q. मैं जा रहा / रही हूँ, का सही छत्तीसगढ़ी रूप- CG व्यापम क्षेत्र रक्षक 2021
(A) मैं जाथौ
(B) मैं हा जाौँ
(C) मै हा जात हौं
(D) मैं जातेंव
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(C) व्याख्या- मैं जा रहा / रही हूँ का सही रूप ‘मैं हा जात हौं’ है।

CG_PSC_Pre_CSAT_2014

Q.  छत्तीसगढ़ी में स्त्रियों के लिए सूचक संबोधन है-
(A) अरे
(B) अरी
(C) गा
(D) गोई
(E) इनमें से कोई नहीं
CG_PSC_Pre_CSAT_2014

उत्तर-(D) व्याख्या- छत्तीसगढ़ी में स्त्रियों के लिए स्नेह सूचक संबोधन गोई है।

Q.  हा प्रत्यय जिस शब्द में नहीं है, वह है-
(A) कोलिहा
(B) कोचरहा
(C) खोडरहा
(D) डंगचगहा
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(A)
CG_PSC_ADIHS 2014

व्याख्या- कोलिहा में हा प्रत्यय नहीं है।

Q. हाथी का स्त्रीलिंग होगा- CG व्यापम क्षेत्र रक्षक 2021  + CG PSC 2014
(A) हाथि
(B) हाथीनी
(C) हथनिन
(D) हाथिनी
(E) हाथीन
उत्तर-(C)

व्याख्या- हाथी का स्त्रीलिंग हथनिन होगा।

Q.  पड़ियाइन का पुल्लिंग शब्द है- CG व्यापम 2016
(A) पाण्डव
(B) पंडवा
(C) पंड़िया
(D) पण्डा
(E) पांडे
उत्तर-(E)

व्याख्या- पड़ियाइन का पुल्लिंग शब्द पांडे है।

Q.  हर शब्द में कारक है-
(A) कर्ता कारक
(B) कर्म
(C) संबंध
(D) संबोधन कारक
उत्तर-(A)

व्याख्या-हर शब्द में कर्ता कारक है।

Q.  दो मुहानी में कौन सा समास है-
(A) अव्ययीभाव
(B) द्विगु
(C) बहुब्रीहि
(D) तत्पुरुष
उत्तर-(B)

Q.  नाक बाढ़ना मुहावरे का अर्थ है-
(A) नाक लंबी होना
(B) नाक बहना
(C) प्रतिष्ठा बढ़ना
(D) प्रेम होना
उत्तर-(C)
CG_PSC_ARO_APO_2014

व्याख्या- नाक बाढ़ना मुहावरे का अर्थ प्रतिष्ठा बढ़ना।

Q. अंगरा बरसना मुहावरे का अर्थ है-
(A) अब्बड़ गुस्सा करना
(B) अब्बड़ बरसा होना
(C) आगी बरना
(D) आगी के बरसा होना
(E) अब्बड़ घाम करना
उत्तर-(E)

व्याख्या-अंगरा बरसना मुहावरे का अर्थ अब्बड घाम करना है।

Q.  लज्जित होना का छत्तीसगढ़ी मुहावरा क्या है? CGPSC Pre.2017-18
(A) मुड़ी ठठाना
(B) मुड़ी पटकाना
(C) मुड़ी गड़ियाना
(D) मुड़ी खजवाना
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(C)

व्याख्या- लज्जित होने के लिए छत्तीसगढ़ी मुहावरा मुड़ी गड़ियाना है।

Q. छत्तीसगढ़ी मुहावरा कथरी ओढ़े, घी खाय का क्या अर्थ
CG_PSC_Asst.Prof._Engg 2016
(A) कथरी ओढ़ना
(B) घी खाना
(C) सम्पन्नता छिपाना
(D) कंजूस
उत्तर-(C)
व्याख्या- छत्तीसगढ़ी मुहावरा कथरी ओढ़े, घी खाय का अर्थ सम्पन्नता छिपाना है।

Q.  चांउर छींचना मुहावरे का अर्थ है-
(A) चावल छिड़कना
(B) चावल को बिखेरना
(C) जादू करना
(D) चिड़िया को दाना डालना
उत्तर-(C)
व्याख्या- चांउर छींचना मुहावरे का अर्थ जादू करना है।

Q. घोघिया पठारी किसे कहते है- CG_PSC_ACF_2017-18
(A) पहाड़ में रहने वाला पक्षी
(B) घोंघा
(C) गूंगा आदिवासी
(D) श्राद्धकर्म संपन्न कराने वाला ब्राम्हण
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(D)

व्याख्या- घोघिया पठारी श्राद्धकर्म संपन्न कराने वाले ब्राम्हण को कहते है। 

Q. बड़हर का अर्थ क्या है- CG_PSC_ACF_2017-18
(A) बदरा
(B) बड़ेर
(C) बड़ोरा
(D) बठेना
(E) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(C)

व्याख्या- बड़हर का अर्थ बड़ोरा होता है।

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