गांधीजी की द्वितीय छत्तीसगढ़ यात्रा : 22-28 नवम्बर, 1933 ई०
गांधीजी की द्वितीय छत्तीसगढ़ यात्रा हरिजनोद्धार से संबंधित थी। उनकी इस यात्रा में कुमारी मीरा बेन [मूल नाम- मैडालिन स्लेड (अंग्रेज)], जमनालाल बजाज की पुत्री, ठक्कर बापा (झाबुआ के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी) एवं महादेव देसाई (निजी सचिव) साथ थे।
कार्यक्रम में पूरा समय देने लगे। आंदोलन की समाप्ति पर कांग्रेस का रुझान पुनः व्यवस्थापिकाओं की ओर हो गया। केंद्रीय नेतृत्व का अनुसरण छत्तीसगढ़ के नेताओं ने किया।
