प्लास्टिक प्रदूषण सामान्य ज्ञान | Plastic Pollution GK Questions in Hindi

By Gautam Markam

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प्लास्टिक प्रदूषण GK
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प्लास्टिक प्रदूषण क्या है ?

Plastic Pollution Quiz With Answers

पॉलिथीन मूलतः कार्बन एवं हाइड्रोजन के अणुओं के मिलने से बनता है। 

* यह एतिलीन CH,का पॉलीमर (बहुलक) होता है। पॉलिथीन में एतिलीन के अणु आपस में इस प्रकार जुड़े होते हैं कि उनका जैविक

* रूप से अपक्षय नहीं हो पाता है। यही कारण है कि प्लास्टिक की थैलियां उपयोग बाद फेंके जाने पर स्वत: नष्ट नहीं होती और पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनती हैं। 

* इसकी खोज वर्ष 1953 में इटली के रसायनशास्त्री गिलियो नत्ता और कार्ल जिगलर (जर्मनी) ने की। 

* इन्होंने सर्वप्रथम देखा कि कार्बन एवं हाइड्रोजन के कण आपस में एक श्रृंखला बनाते हैं तथा एकल बंध एवं द्विबंध के रूप में स्थापित हो जाते हैं। * इस खोज के लिए गिलियो नत्ता एवं कार्ल जिगलर को वर्ष 1963 में रसायन का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्लास्टिक के थैले के क्षय होने में अत्यधिक समय लगता है।

* प्लास्टिक का थैला (Plastic Bag) एक थर्मोप्लास्टिक है, जिसे एतिलीन के बहुलकीकरण (Polymerisation) से प्राप्त किया जाता है। यह अक्षयकारी प्रदूषक पदार्थ हैं, जो कि मृदा प्रदूषण के साथ-साथ वातावरण को भी प्रदूषित करने का कार्य करते हैं। 

* प्लास्टिक (Plastic), लोहा (Iron), सीसा (Lead) इत्यादि पदार्थ अक्षयकारी प्रदूषक (Non-Biodegradable Pollutants) हैं, जो कि जीवाणुओं द्वारा नष्ट नहीं होते हैं या इनकी विघटन की क्रिया कम होती है। अतः वातावरण में ये एकत्र रहकर इसे प्रदूषित करते हैं।

* पर्यावरण में निर्मुक्त होने वाले माइक्रोबीड्स प्लास्टिक के 5 मिमी, से छोटे कण हैं, जो जलशोधन संयंत्रों द्वारा फिल्टर नहीं हो पाते हैं। ये मुख्यतः धुलाई, सौंदर्य प्रसाधनों आदि में मिलाए जाते हैं और अंततः जलीय एवं समुद्री पारितंत्र में घुल जाते हैं। ये अपने साथ खतरनाक रसायनों को भी जमा कर लेते हैं तथा समुद्री जीवों के आहार में शामिल होकर उनके व्यवहार में परिवर्तन ला रहे हैं। इनका पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ेगा, लेकिन वर्तमान में इनसे सर्वाधिक खतरा समुद्री पारितंत्र को है। 

उल्लेखनीय है कि जनवरी, 2018 से यू.के. ने माइक्रोबीड्स के प्रयोग पर रोक लगा दी तथा विश्व पर्यावरण दिवस, 2018 की थीम थी- बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन।

plastic pradushan multiple choice questions in hindi

1. पॉलिथीन की थैलियों को नष्ट नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे बनी होती हैं-

(a) न टूटने वाले अणुओं से 

(b) अकार्बनिक यौगिकों से

(c) पॉलीमर से

(d) प्रोटीन से

U.P.P.C.S.(Pre) 2007

उत्तर-(c)

पॉलिथीन मूलतः कार्बन एवं हाइड्रोजन के अणुओं के मिलने से बनता है। यह एतिलीन C,H, का पॉलीमर (बहुलक) होता है। पॉलिथीन में एतिलीन के अणु आपस में इस प्रकार जुड़े होते हैं कि उनका जैविक रूप से अपक्षय नहीं हो पाता है। यही कारण है कि प्लास्टिक की थैलियां उपयोग के बाद फेंके जाने पर स्वत: नष्ट नहीं होती और पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनती हैं।

2. निम्न में से कौन-सी वस्तु जीवाणुओं से नष्ट नहीं होती?

(a) गोबर

(b) पौधों की पत्तियां

(c) खाद्य पदार्थ

(d) प्लास्टिक

R.A.S./R.T.S. (Pre) 1992

उत्तर-(d)

प्लास्टिक (Plastic), लोहा (Iron), सीसा (Lead) इत्यादि पदार्थ अक्षयकारी प्रदूषक (Non-Biodegradable Pollutants) हैं, जो कि जीवाणुओं द्वारा नष्ट नहीं होते हैं या इनकी विघटन की क्रिया कम होती है। अतः वातावरण में ये एकत्र रहकर इसे प्रदूषित करते हैं। विकल्प में शेष अन्य सूक्ष्म-जीवों (Micro-organisms) द्वारा आसानी से विघटित हो जाते हैं।

3. पर्यावरण में निर्मुक्त हो जाने वाली ‘सूक्ष्ममणिकाओं (माइक्रोबीड्स) ‘ के विषय में अत्यधिक चिंता क्यों है?

(a) ये समुदी पारितेत्रों के लिए हानिकारक मानी जाती है।

(b) ये बच्चों में त्वचा कैंसर होने का कारण मानी जाती हैं।

(c) ये इतनी छोटी होती है कि सिंचित क्षेत्रों में फसल पादपों द्वारा अवशोषित हो जाती है।

(d) अक्सर इनका इस्तेमाल खाद्य-पदार्थों में मिलावट के लिए किया जाता है।

I.A.S. (Pre) 2019

उत्तर-(a) 

पर्यावरण में निर्मुक्त होने वाले माइक्रोबीड्स प्लास्टिक के 5 मिमी. से | छोटे कण हैं, जो जलशोधन संयंत्रों द्वारा फिल्टर नहीं हो पाते हैं। ये मुख्यतः धुलाई, सौंदर्य प्रसाधनों आदि में मिलाए जाते हैं और अंततः | Mजलीय एवं समुद्री पारितंत्र में घुल जाते हैं। ये अपने साथ खतरनाक रसायनों को भी जमा कर लेते हैं तथा समुद्री जीवों के आहार में | शामिल होकर उनके व्यवहार में परिवर्तन ला रहे हैं। इनका पर्यावरण  और मानव स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ेगा, लेकिन वर्तमान में इनसे |

सर्वाधिक खतरा समुद्री पारितंत्र को है। उल्लेखनीय है कि जनवरी, 2018 से यू.के. ने माइक्रोबीड्स के प्रयोग पर रोक लगा दी तथा विश्व पर्यावरण दिवस, 2020 की थीम थी- जैवविविधता संरक्षण।

4. निम्नलिखित में किसके क्षय होने में सबसे अधिक समय लगता है?

(a) सिगरेट का टुकड़ा

(b) चमड़े का जूता

(c) फोटो फिल्म

(d) प्लास्टिक का थैला

U.B.R.C.S. (Spl.) (Pre) 2008

उत्तर-(d)

प्रश्नगत विकल्पों में प्लास्टिक के थैले के क्षय होने में सर्वाधिक समय लगता है। प्लास्टिक का थैला (Plastic Bag) एक थर्मोप्लास्टिक है, जिसे एतिलीन के बहुलकीकरण (Polymerisation) से प्राप्त किया जाता है। यह अक्षयकारी प्रदूषक पदार्थ हैं, जो कि मृदा प्रदूषण के साथ-साथ वातावरण को भी प्रदूषित करने का कार्य करते हैं। 

Gautam Markam

मेरा नाम गौतम है मै कवर्धा का निवासी हु ALLGK.IN में सभी नवीनतम न्यूज़ और जॉब्स, रिजल्ट, एडमिट कार्ड, ऑफलाइन जॉब्स, ऑनलाइन फॉर्म, कॉलेज और यूनिवर्सिटी अपडेट को कवर करता हु।

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