छत्तीसगढ़ के राजनेता सामान्य ज्ञान 2022 | CG Ke Raj Neta GK CGPSC

छत्तीसगढ़ राजनेता : Chhattisgarh Ke Raj Neta General Knowledge 2022

छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण सामान्य ज्ञान Cg Mcq Question Answer in Hindi: Click Now

  1. भूपेश बघेल (जन्म : 23 अगस्त 1961 (उम्र 58 साल ): भूपेश बघेल हिस्ट्री 12 दिसम्बर, 2018 को वे छत्तीसगढ़ के तीसरे मुख्यमंत्री बने। भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को दुर्ग के एक कृषक परिवार में हुआ था। इनके 4 बच्चे है , राजनीतिक दल – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारतीयपत्नी का नाम – मुक्तेश्वरी बघेल
  2. डॉ० रमण सिंह (जन्म : 15 अक्तूबर, 1952): केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री रहे डॉ० रमण सिंह छत्तीसगढ़ के दूसरे निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं। कबीरधाम (कवर्धा) जिले में जन्मे डॉ० सिंह पहली बार वर्ष 1990 में मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए तथा वर्ष 1999 में लोकसभा के लिए चुने गए। 3 फरवरी, 2004 को उन्हें शिरोमणि गुहा निषादराज सम्मान से सम्मानित किया गया। 12 दिसम्बर, 2008 को वे दूसरी बार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने।
  3. दिनेशनंदन सहाय : वरिष्ठ राजनीतिज्ञ श्री सहाय राज्य के सर्वप्रथम राज्यपाल का कार्य-भार सम्भालने से पूर्व ‘योजना आयोग’ के सदस्य थे।
  4. अजीत पी० के० जोगी (जन्म : 21 अप्रैल, 1946) : राज्य के सर्वप्रथम मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित श्री जोगी ने ‘भारतीय प्रशासनिक सेवा’ को तिलांजलि देकर राज्यसभा की सदस्यता से राजनीति में प्रवेश किया और वे मुख्यमंत्री के रूप में प्रतिष्ठित हुए थे।
  5. बनवारी लाल अग्रवाल (जन्म : 1 मई, 1947) : कोरबा जिले के ‘जपेली’ में जन्मे श्री अग्रवाल ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। आपातकाल में उन्हें ‘मीसा’ के अंतर्गत कारावास की यन्त्रणा भुगतनी पड़ी। वर्ष 1993 में वह विधायक बने । __5. बृजमोहन अग्रवाल (जन्म : 13 फरवरी, 1960) : रायपुर (नगर) निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष 1990 में पहली बार निर्वाचित श्री अग्रवाल को तत्कालीन मध्य प्रदेश शासन में स्थानीय स्व-शासन एवं पर्यटन (स्वतन्त्र प्रभार) का राज्य मंत्री बनने का गौरव मिला ।
  6. डॉ० रमेश अग्रवाल (जन्म : 28 जनवरी, 1945) : वर्ष 1977 में ‘खल्लारी’ से मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रवेश करने वाले श्री अग्रवाल को शिक्षा मंत्री रहने का सौभाग्य मिला।
  7. श्यामा चरण शुक्ल (जन्म: 27 फरवरी, 1925) : राज्य के वरिष्ठतम राजनीतिज्ञ श्री शुक्ल ने अपना राजनीतिक जीवन वर्ष 1942 के ‘भारत छोड़ो’ आन्दोलन से प्रारंभ किया। उन्हें तत्कालीन मध्य प्रदेश की राजनीति में प्रारंभ से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहने का गौरव प्राप्त है। वह रायपुर जिला कांग्रेस से ‘अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी’ तक सदा ही महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे हैं। दैनिक ‘महाकौशल’ के सम्पादक श्री शुक्ल ने वर्ष 1962 में राज्य विधानसभा में प्रवेश किया और निरन्तर निर्वाचित होते रहे। उन्हें वर्ष 1969-72, 1975-77 तथा वर्ष 1989-90 में मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहने का गौरव मिला। वर्ष 1990 में वह राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे और अब छत्तीसगढ़ राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं।
  8. विद्याचरण शुक्ल (जन्म : 2 अगस्त, 1929; मृत्यु : 11 जून, 2013) : राज्य के एक अन्य वरिष्ठ नेता श्री शुक्ल का लोकसभा में निरन्तर प्रतिनिधित्व करते रहने तथा केन्द्रीय सरकार में विभिन्न पदों के दायित्व निभाते रहने के कीर्तिमान हैं। 9. गीता देवी सिंह (जन्म: 26 सितम्बर, 1950) : अखिल भारतीय महिला कांग्रेस में प्रचार सचिव रहीं श्रीमती सिंह ने सर्वप्रथम वर्ष 1990 में राज्य विधानसभा में डोंगरगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अनेक देशों की यात्राएं भी की हैं।
  9. राम कुमार अग्रवाल (जन्म: 1 जनवरी, 1924) : स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी एवं पत्रकार श्री अग्रवाल ने वर्ष 1947 में संघीय गणराज्यों में प्रदर्शन के मध्य कारागार यात्राएं कीं। श्रमिक एवं कृषक आन्दोलनों के नेता श्री अग्रवाल 1957 ,1967 एवं 1980 में रायगढ़ से विधायक चुने गए।
  1. रवि चन्द्र आर्या –भिलाई इस्पात संयन्त्र से सम्बद्ध श्री आर्या ने एक श्रमिक नेता के रूप में विधानसभा में प्रवेश किया। श्रमिकों तथा विकलांगों के कल्याण को समर्पित श्री आर्या ने विश्व भ्रमण किया है।
  2. भूपेश बघेल (जन्म: 23 अगस्त, 1961) : वर्ष 1993 में पहली बार पाटन से विधायक बने श्री बघेल छात्रावस्था से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्हें जिला युवक कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनने का सुअवसर मिला है।
  3. गंगूराम बघेल (जन्म : 20 फरवरी, 1946) : रायपुर के ग्रामीण शाखा की भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्री बघेल वर्ष 1993 में विधायक रहे।
  4. झीतरू राम बघेल (जन्म : 1 सितम्बर, 1940) : जगदलपुर क्षेत्र के विधायक श्री बघेल श्री चन्द्राकर जनजातीय वित्त निगम’ के अध्यक्ष तथा बस्तर क्षेत्र से विधायक रहे हैं।
  5. कमला बघेल : दुर्ग जिला पंचायत की अध्यक्षा रही हैं। इसके साथ ही वह महिला जनजातीय कल्याण कार्यक्रमों में भी सक्रिय हैं।
  6. महेश बघेल (जन्म : 9 मई, 1961) : छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय श्री बघेल वर्ष 1993 में केशकाल क्षेत्र से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।
  7. रमेश बैस (जन्म : 2 अगस्त, 1948) : आपने वर्ष 1979-84 तक नगर निगम रायपुर में पार्षद के रूप में लोकप्रियता अर्जित की। वह 1980-85 में विधायक तथा वर्ष 1989 में पहली बार लोकसभा हेतु निर्वाचित हुए।
  8. चन्द्र प्रकाश वाजपेयी (जन्म : 30 अगस्त, 1960): सीपत से विधायक निर्वाचित श्री वाजपेयी को कांग्रेस सेवादल में उल्लेखनीय सेवाओं हेतु पुरस्कृत किया गया है।

19.खेमसिंह बारभते (जन्म : 12 मार्च, 1947) : मुंगली से विधानसभा हेतु निर्वाचित श्री बारभते पहले रिपब्लिक पार्टी में रहे तथा बाद में भाजपा से सम्बद्ध हुए।

  1. प्यारेलाल बेलचन्दन (जन्म : 29 जुलाई, 1927) : खेरथा से विधायक निर्वाचित श्री बेलचन्दन ने कृषि सहकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
  2. गणेश राम भगत (जन्म : 1 जनवरी, 1950) : जशपुर निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष 1993 से निरन्तर विधानसभा में प्रवेश करने वाले श्री भगत समाज कल्याण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
  3. विक्रम भगत (जन्म: 6 मई, 1942) : बगीचा क्षेत्र से वर्ष 1993 में विधायक बने श्री भगत ने अनेक विधानसभायी समितियों में कार्य करके अपनी जन रुचि का परिचय दिया है।
  1. मांगीलाल भंडारी (जन्म : 15 जून, 1927) : वर्ष 1993 में विधानसभा में नरसिंहगढ़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेसी नेता श्री भंडारी ने स्वतन्त्रता आन्दोलन में और स्वतन्त्रता के पश्चात् ‘बरकतउल्ला विश्वविद्यालय’, रेलवे सलाहकार मंडल तथा गौ-हत्या प्रतिबन्ध जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  2. परसराम भारद्वाज (जन्म: 1 अक्टूबर, 1948) : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री भारद्वाज को खरौद निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा हेतु 5 से अधिक बार निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त है। एक सांसद एवं समाजसेवी के रूप में उन्होंने विश्व के अनेकानेक प्रमुख देशों की यात्राएं भी की हैं।
  3. राजेन्द्र सिंह भाटिया (जन्म: 25 अक्टूबर, 1949): राजनांदगांव जिले के खुज्जी क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता श्री भाटिया ने पहली बार वर्ष 1993 में अपने क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया।
  4. झुमुक लाल भेड़िया (जन्म : 25 जनवरी, 1951) : राज्य विधानसभा में वर्ष 1962, 1967, 1972, 1977 तथा 1986 आदि में बालोद क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहने वाले श्री भेड़िया को ‘इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय’ के अध्यक्ष, ‘छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण’ के उपाध्यक्ष तथा राज्य सरकार में मंत्री रहने का गौरव मिला है। वे राज्यव्यापी नक्सलवाद आन्दोलन के विरुद्ध कार्यरत एक जुझारू नेता हैं।
  5. लीलाराम भोजवानी (जन्म : 28 जनवरी, 1941) : राजनांदगांव में ‘भारतीय मजदूर संघ’ के संस्थापक-अध्यक्ष, पत्रकार तथा भाजपा नेता श्री भोजवानी को मध्य प्रदेश शासन में 1990-92 में राज्य मंत्री रहने का गौरव प्राप्त है।
  6. अग्नि चन्द्राकर (जन्म : 1 जनवरी, 1954) : आपने धनसुरी से निर्विरोध ‘सरपंच’ चुनकर अपनी लोकप्रियता का परिचय दिया। आपने महासमुन्द निर्वाचन क्षेत्र का वर्ष 1993 में राज्य विधानसभा में प्रतिनिधित्व करके राज्य की राजनीति में सक्रिय प्रवेश किया।
  7. बैजनाथ चन्द्राकर (जन्म : 8 दिसम्बर, 1944): श्री चन्द्राकर ‘मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग’ के निदेशक तथा ‘अपेक्स बैंक भोपाल’ के निदेशक के रूप में पिछड़े वर्ग के कल्याण के साथ-साथ सहकारिता क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
  8. वासुदेव चन्द्राकर (जन्म : 23 नवम्बर, 1928) : दुर्ग जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रहे श्री चन्द्राकर ने क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया है और ग्रामीण बैंक के संचालन तथा सहकारिता को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

31.तरुण प्रसाद चटर्जी (जन्म : 1944) : रायपुर (ग्रामीण) निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रह चुके श्री चटर्जी को नगर निगम रायपुर का महापौर तथा जिला एवं राज्य कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

  1. रविन्द्र चौबे (जन्म : 28 मई, 1957) : दुर्ग महाविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में राजनीति में प्रवेश करने वाले श्री चौबे ने जहां कांग्रेस पार्टी में निरन्तर नेतृत्व प्रदान किया है वहां वे राज्यमंत्री भी रहे हैं।
  2. छतराम देवांगन (जन्म : 4 दिसम्बर, 1950) : अकलतरा ग्राम पंचायत के 15 से अधिक वर्षों तक सरपंच रहे श्री देवांगन ने पहली बार अपने क्षेत्र का राज्य विधानसभा में वर्ष 1993 में प्रतिनिधित्व किया।
  3. ध्रुव माधव सिंह (जन्म : 1952) : छात्र जीवन से ही राजनीति में प्रवेश करने वाले श्री सिंह ने राज्य विधानसभा में अपने क्षेत्र का वर्ष 1977, 1980 तथा 1993 में प्रतिनिधित्व किया। वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री भी रहे। वे आदिवासी कल्याण हेतु निरन्तर सक्रिय हैं।
  4. पवन दीवान (जन्म : 1 जनवरी, 1945) : रायपुर जिले के किरवई क्षेत्र के कांग्रेसी नेता श्री दीवान ने राज्य की अनेकानेक समितियों का नेतृत्व किया, वे 1977-79 में मंत्री भी रहे और उन्होंने क्षेत्र का लोकसभा में भी प्रतिनिधित्व किया।
  5. राबिन दत्ता (जन्म : 14 जुलाई, 1938) : ‘मध्य प्रदेश सीमेण्ट कर्मचारी संघ’ (इंटक) के अध्यक्ष के रूप में राज्य की श्रमिक समस्याओं से जूझने वाले श्री दत्ता को देश के समस्त सीमेण्ट कारखानों में श्रमिकों को अनुशंसित मजदूरी प्रदान करवाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार से भी पुरस्कृत किया गया है।
  6. प्रदीप गांधी : राजनांदगांव जिला पंचायत के अध्यक्ष के रूप में श्री गांधी ने ग्रामीण समस्याओं के निवारण में सदा सक्रिय भूमिका निभाई है।
  7. गुरमुख सिंह होरा (जन्म : 15 अगस्त, 1947): कृषि मण्डी रायपुर के अध्यक्ष, नागरिक सहकारी बैंक रायपुर के अध्यक्ष तथा नगरनिगम रायपुर के सदस्य रहे श्री होरा में वर्ष 1993 में कुरुद क्षेत्र से राज्य विधानसभा में प्रवेश किया और अनेक विधानसभायी समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

39.इन्दर चन्द जैन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री जैन ने अनेकानेक सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाकर अपने कुशल नेतृत्व का परिचय दिया है।

  1. स्वरूप चन्द जैन (जन्म : 25 सितम्बर, 1942) : श्री जैन ने ग्रामीण युवक कांग्रेस रायपुर व ‘प्रदेश कांग्रेस कमेटी’ के उपाध्यक्ष पद को सुशोभित किया है और रायपुर का वर्ष 1980 एवं 1985 में राज्य विधानसभा में प्रतिनिधित्व भी किया है।
  1. डॉ० खेलन राम जांगड़े (जन्म: 14 जुलाई, 1946) : श्री जांगड़े ने राज्य कांग्रेस कमेटी में अनेकानेक पदों का निवर्हन करते हुए फुलवारी खुर्द क्षेत्र का वर्ष 1980 में राज्य विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया, उन्होंने मंत्री पद भी सुशोभित किया। इसके पश्चात् वे वर्ष 1985 में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने हेतु लोकसभा में प्रविष्ट हुए। __42. रेशम लाल जांगड़े (जन्म : 15 फरवरी, 1925) : रायपुर जिले के परसाडीह क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले श्री जांगड़े पहले कांग्रेस में रहे तथा बाद में उन्होंने ‘भाजपा’ की सदस्यता ग्रहण की।
  2. दिलीप सिंह जूदेव (जन्म: 8 मार्च, 1942) : इन्होंने ‘भाजपा’ की विविध स्तरीय समितियों में अपने गतिशील नेतृत्व का परिचय दिया तथा सांसद भी रहे और उन्होंने वहां भी नेतृत्व प्रदान किया।
  3. बोधराम कंवर (जन्म : 28 जनवरी, 1938): तनाखार क्षेत्र से 5 से अधिक बार निरन्तर विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले श्री कंवर ने कांग्रेस कमेटी में भी अनेकानेक दायित्वों का निवर्हन किया है।
  4. प्यारे लाल कंवर : बिलासपुर जिले के ‘भैसमा’ निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष 1962, 1966, 1972, 1980, 1985, 1990 तथा 1993 आदि में निर्वाचित श्री कंवर को जहां अनेकानेक मन्त्रालयों का कार्यभार सम्भालने का दायित्व मिला वहां वे उप-मुख्यमन्त्री भी रहे।
  5. महेन्द्र कर्मा (जन्म: 19 मई, 1958; मृत्यु : 25 मई, 2013) : वर्ष 1996 में बस्तर निर्वाचन-क्षेत्र से लोकसभा हेतु निर्वाचित श्री कर्मा ने सदा ही क्षेत्र के पिछड़ेपन तथा नक्सलवाद की समस्या को उठाया है। उन्होंने विदेश यात्राएं भी की हैं।
  6. अन्तुराम कश्यप (जन्म : 1 जुलाई, 1942): वर्ष 1993 में पहली बार भानपुरी क्षेत्र से राज्य विधानसभा में प्रवेश करने वाले श्री कश्यप ने अनेकानेक सामाजिक समस्याओं के निवारण में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
  7. बलीराम भगत (जन्म : 11 मार्च, 1936) : भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता श्री भगत राज्य विधानसभा हेतु वर्ष 1972 से निरन्तर निर्वाचित होते रहे हैं। उन्हें राज्य सरकार में मंत्री पद का दायित्व भी मिला है।
  8. मनुराम कतछा (जन्म: 5 जून, 1963): वर्ष 1985 में बड़े अरापुर के सरपंच पद से सार्वजनिक जीवन में पदार्पण करने वाले श्री कतछा वर्ष 1993 में पहली बार केशलूर निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा हेतु निर्वाचित हुए। उन्होंने सदा ही कृषकों, श्रमिकों तथा गरीबों की समस्याओं के निवारण में सक्रियता निभाई।
  9. पुरुषोत्तम कौशिक (जन्म : 24 सितम्बर, 1930) : जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव श्री कौशिक ने वर्ष 1972 में विधानसभा तथा वर्ष 1977 में लोकसभा में प्रवेश किया। उन्होंने भारत सरकार में नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन मंत्री के रूप में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
  10. केयूर भूषण (जन्म : 28 फरवरी, 1928) : वर्ष 1942 के ‘भारत छोड़ो’ आन्दोलन से राजनीति में प्रवेश करने वाले श्री भूषण ने रायपुर का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। वे एक प्रख्यात गांधीवादी हैं।
  11. मनीष कुंजाम (जन्म : 17 फरवरी, 1964) : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अग्रणी नेता श्री कुंजाम ने कोंटा निर्वाचन क्षेत्र का विधानसभा में वर्ष 1989 से निरन्तर प्रतिनिधित्व किया। वे तेंदू पत्ता मजदूर कल्याण हेतु सदा सक्रिय रहे हैं।
  12. मनाराम (जन्म : 2 अक्टूबर, 1945): भाजपा के इस वरिष्ठ नेता को वर्ष 1993 से पलारी क्षेत्र का राज्य विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने तथा जन-समस्या उठाने का सुअवसर प्राप्त है।
  13. श्रीधर मिश्रा (जन्म : 9 अप्रैल, 1922) : राज्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को पार्टी के उच्च पदों तथा राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहने का अवसर मिला।
  14. पुन्नू लाल मोहले (जन्म: 2 जनवरी, 1952): जरहा गांव निर्वाचन क्षेत्र से वर्ष 1958 में पहली बार विधायक बने श्री मोहले ने जहां विधानसभाई समितियों में अनेक दायित्वों का निवर्हन किया, वहां भाजपा के अंतर्गत उच्च पदों पर आसीन रहकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के उत्थान हेतु संघर्ष भी किया।
  15. उदय मुदालियर (जन्म : 31 जुलाई, 1956) : राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र के विधायक श्री मुदलियार ने कांग्रेस पार्टी के उच्च पदों पर रहकर अपनी कर्मठता एवं लोकप्रियता का परिचय दिया है।
  16. डॉ० जवाहर लाल नायक (जन्म: 1 अक्टूबर, 1954) : राज्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ० नायक ने सरिया निर्वाचन क्षेत्र का वर्ष 1993 में राज्य विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया।
  17. डॉ० शक्राजीत नायक (जन्म : 25 मई, 1946) : भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा नागपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ० नायक ने पहली बार वर्ष 1990 में राज्य विधानसभा में प्रवेश किया। तब से वे निरन्तर ही क्षेत्रीय समस्याओं के प्रति निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
  18. मायाराम नेगी (जन्म : 1 दिसम्बर, 1942) : इन्होंने भटगांव क्षेत्र का विधानसभा में पहली बार वर्ष 1993 में प्रतिनिधित्व किया।
  19. अरविन्द नेताम (जन्म : 20 मई, 1942): ‘बहुजन समाज पार्टी’ के वरिष्ठ नेता श्री नेताम ने कांग्रेस टिकट पर लोकसभा में पहली बार वर्ष 1971 में प्रवेश किया और बाद में वे केन्द्रीय सरकार में समाज कल्याण एवं संस्कृति मन्त्रालय में उपमंत्री भी रहे। उन्हें नवम्बर, 2002 में बिरसा मुण्डा राष्ट्रीय पुरस्कार, 2002 से सम्मानित किया गया।
  20. छबीला नेताम : इन्होंने वर्ष 1996 में कांकेर संसदीय क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधि व किया।
  21. गोवर्धन नेताम (जन्म: 26 मार्च, 1947) : कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता श्री नेताम ने अंबागढ़ चौकी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार वर्ष 1972 में विजय प्राप्त की और आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं के प्रति आवाज बुलन्द की।
  22. आशा नियोगी : दुर्ग जिले के ‘दल्ली राजहरा’ क्षेत्र में कार्यरत जुझारू नेत्री सुश्री नियोगी ‘छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा’ से सम्बद्ध हैं। वे. क्षेत्र के श्रमिक आन्दोलन को समर्पित हैं।
  23. गजराज पगारिया (जन्म : 4 जुलाई, 1958) : रायपुर नगर निगम में उप-महापौर रहे श्री पगारिया पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु सक्रिय हैं।
  1. मनहरन लाल पाण्डेय (जन्म : 27 अक्टूबर, 1938) : आपने अपना सार्वजनिक जीवन वर्ष 1962 में जनपद पंचायत मुंगेली से प्रारंभ किया। वे वर्ष 1966 में ‘भारतीय जनसंघ’ के टिकट पर पहली बार राज्य विधानसभा हेतु निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्हें सिंचाई, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री बनने का गौरव मिला। वर्ष 1996 में वे लोकसभा हेतु निर्वाचित हुए।
  2. जालम सिंह पटेल (जन्म : 27 सितम्बर, 1941) : युवक कांग्रेस के माध्यम से राजनीति में पदार्पण करने वाले श्री पटेल वर्ष 1969 से राज्य विधानसभा हेतु निर्वाचित होते रहे हैं। उन्हें राज्यमंत्री भी बनने का गौरव मिला है।
  3. नंद कुमार पटेल (जन्म: 8 नवम्बर, 1953; मृत्यु: 25 मई, 2013) 🙂 : ने रायगढ़ के ब्लॉक कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पद से अपना सार्वजनिक जीवन प्रारंभ किया। वे रायगढ़ से पहली बार वर्ष 1984 में विधानसभा हेतु निर्वाचित हुए। उन्हें राज्य का जल संसाधन राज्य मंत्री भी बनने का गौरव मिला।
  4. धनेश पाटिला (जन्म : 8 जनवरी, 1955) : उन्हें पहली बार वर्ष 1985 में विधायक बनने का अवसर मिला। उन्हें पहले ग्रामीण विकास मंत्री तथा बाद में आदिवासी एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री बनने का सौभाग्य मिला।
  5. धनीराम पुजारी (जन्म : 1 सितम्बर, 1938) : चित्रकोट निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार वर्ष 1990 में राज्य विधानसभा हेतु निर्वाचित हुए।
  6. अशोक राव (जन्म : 15 अक्टूबर, 1938): कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री राव वर्ष 1983 में बिलासपुर के महापौर एवं वर्ष 1990 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।
  7. चनेश राम राठिया (जन्म : 15 दिसम्बर, 1942) : रायगढ़ जिले के नांदगांव क्षेत्र से पहली बार वर्ष 1974 में विधानसभा हेतु निर्वाचित श्री राठिया को राज्य मंत्री भी नियुक्त होने का अवसर मिला।
  8. भेखराम साहू (जन्म: 7 सितम्बर, 1946) : छात्र-जीवन से राजनीति में प्रवेश करने वाले श्री साहू को पहली बार वर्ष 1993 में विधायक बनने का अवसर मिला ।
  9. भूपत सिंह साहू (जन्म : 1 जून, 1942) : जिला पंचायत दुर्ग के उपाध्यक्ष रहे श्री साहू ‘राजीव गांधी फाउण्डेशन’ के सदस्य हैं और कृषकों के कल्याण हेतु सक्रिय भी।
  10. चन्द्रशेखर साहू (जन्म : 2 जुलाई, 1956) : राज्य भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री साहू विधायक रहे हैं और पीड़ितों की पीड़ा हरने वाले एक जुझारू नेता भी।

75.धनेन्द्र कुमार साहु (जन्म : 9 मार्च, 1952) : पहली बार वर्ष 1993 में विधायक बने श्री साहू ने सदा ही किसान कल्याण हेतु कार्य किया है।

 

  1. जागेश्वर साहू : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पहली बार वर्ष 1993 में विधायक बने और अपनी कार्यक्षमता के आधार पर राज्य मंत्री बनाए गए।
  2. ताराचन्द साहू (जन्म : 1 जनवरी, 1947) : वरिष्ठ भाजपा नेता गुंडर देही से वर्ष 1990 में पहली बार विधायक बने और वर्ष 1996 में दुर्ग से लोकसभा हेतु निर्वाचित हुए।
  3. लारंग साय (जन्म : 28 अक्टूबर, 1935) : वर्ष 1967 में पहली बार विधायक बने श्री साय ने 1968 में राज्यमंत्री पद का दायित्व निभाया। वर्ष 1977 में वे लोकसभा हेतु निर्वाचित हुए। उन्होंने श्रम एवं संसदीय मामलों के राज्यमंत्री के रूप में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
  4. नन्द कुमार साय (जन्म : 1 जनवरी, 1946) : वरिष्ठ भाजपा नेता श्री साय वर्ष 1977 से राज्य विधानसभा हेतु निर्वाचित होते रहे हैं। वर्ष 1996 में वे रायगढ़ से लोकसभा हेतु निर्वाचित हुए। वर्ष 2004 में वे सरगुजा से लोकसभा हेतु निर्वाचित हुए।
  5. डॉ० कन्हैया लाल शर्मा (जन्म : 29 जुलाई, 1927) : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ० शर्मा पहली बार वर्ष 1967 में विधानसभा हेतु निर्वाचित हुए और बाद में उन्होंने राज्य सरकारों में अनेक बार मंत्री पद का दायित्व सम्भाला।
  6. सत्य नारायण शर्मा (जन्म : 17 जनवरी, 1944) : वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री शर्मा वर्ष 1985 में पहली बार विधायक बने और उन्होंने अनेकानेक विधायी समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें खनिज एवं पर्यावरण राज्य मंत्री बनने का भी गौरव मिला।
  7. करुणा शुक्ला (जन्म : 1 अगस्त, 1950) : वर्ष 1993 में पहली बार विधानसभा हेतु निर्वाचित सदस्य श्रीमती शुक्ला ने समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं बाल कल्याण हेतु अपनी जागरूकता का परिचय दिया है। वर्ष 2004 में वे जांजगीर से लोकसभा हेतु निर्वाचित हुई।
  8. निशा शुक्ला (जन्म: 17 अक्टूबर, 1958) : ने नगर निगम जगदलपुर के अध्यक्ष के रूप में अपने नेतृत्व का परिचय दिया। वे अनेकानेक राजनीतिक संस्थाओं से सम्बद्ध हैं।
  9. वीणा वर्मा (जन्म : 1 सितम्बर, 1941) : बिलासपुर जिले की प्रख्यात समाजसेवी श्रीमती वर्मा ने अनेकानेक सामाजिक, महिला कल्याण तथा पत्रकारिता क्षेत्रों की संस्थाओं को नेतृत्व प्रदान किया है। वर्ष 1988 में राज्यसभा हेतु निर्वाचित श्रीमती वर्मा ने अनेकानेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में अपनी प्रतिभा का परिचय भी दिया है।

लाल वोरा (जन्म: 20 दिसम्बर 1928): पत्रकारिता से अपना सार्वजनिक जीवन प्रारंभ करने वाले श्री वोरा ने कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के रूप में पहली बार वर्ष 1972 में विधानसभा में प्रवेश किया। वे पहले मध्य प्रदेश की सरकार में मंत्री तथा बाद में मुख्यमंत्री भी रहे। उन्हें केन्द्र सरकार में मंत्री तथा उत्तर प्रदेश का राज्यपाल रहने का भी गौरव मिला।

  1. मिनीमाता (मृत्यु : 1972 ई०): असम में जन्म । मूल नाम – मीनाक्षी। छत्तीसगढ़ के एक सतनामी गुरु, गुरु आगम दास से विवाह । विवाहोपरान्त छत्तीसगढ़ में निवास । पति के साथ राष्ट्रीय आंदोलन एवं दलितोत्थान गतिविधियों में भागीदारी। 1952 ई० में पति गुरु आगमदास की मृत्यु से रिक्त हुई रायपुर संसदीय सीट के उपचुनाव में विजयी होकर छत्तीसगढ़ क्षेत्र से प्रथम महिला सांसद होने का गौरव पाया। 1972 ई० में विमान दुर्घटना में मृत्यु।

 

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